युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना राज्य की सर्वाेच्च प्राथमिकता : राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि राज्य के सामने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में ग्रामीण युवाओं की बेरोजगारी, मोबाइल एडिक्शन, ड्रग्स की बढ़ती लत, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ती आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल रोजगार सृजन और कौशल विकास के माध्यम से ही संभव है।

छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग नवा रायपुर में में आयोजित एसएसएम पीआईयू एवं एम एंड ई यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि आज गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो खेती-किसानी से जुड़ना नहीं चाहते, लेकिन उनके पास रोजगार के पर्याप्त अवसर भी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का लक्ष्य 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना राज्य की सर्वाेच्च प्राथमिकता : राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा

उपाध्यक्ष श्री जी एस मिश्रा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की अब तक की सबसे बड़ी टीम छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही है और अगले छह महीनों में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने यूएनडीपी के विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि ग्रामीण युवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्लंबर, गार्डनर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन, टी.वी. मैकेनिक, मोबाईल रिपेयरिंग तथा अन्य रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए व्यापक परियोजना तैयार की जाए।

श्री मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को केवल कौशल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा जिससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को तत्काल रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके लिए उद्योगों, निजी संस्थानों और सिविल सोसायटी संगठनों के सहयोग से प्रत्येक जिले में विशेष रोजगार आयोजन किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, सामाजिक चुनौतियों पर नियंत्रण मिलेगा और राज्य के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल विकास, उद्योगों की सहभागिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश में युवा सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल बनकर उभरेगा।

News Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button