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मिट्टी की झोपड़ी से पक्के घर तक : सन्ना गांव की महंती बेक की कहानी

रायपुर,

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के सन्ना गांव की महंती बेक का वर्षों पुराना सपना, पक्के घर में रहने का आखिरकार साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके पति सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मिट्टी और टिन की झोपड़ी में दुश्वारियों से जूझते परिवार के लिए अब स्थायित्व और सम्मान का अहसास मिलने जा रहा है।

    महंती बेक कहती हैं कि “कभी बरसात में छत टपकती थी, सर्दी-गर्मी में झोपड़ी में परेशानी होती थी। पति के साथ मजदूरी कर बच्चों की परवरिश करना मुश्किल था। प्रधानमंत्री आवास योजना से गृह निर्माण हेतु आर्थिक सहायता मिली है और अब अपने नए घर की दीवारें खड़ी होते देख कर मुझे बहुत खुशी मिल रही है।”

    वे आगे कहती हैं कि साय सरकार की “महतारी वंदन‘‘ योजना से हर माह 1000 रूपए की सहायता मुझे मिलती है, जिससे बच्चों की जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिला है, जिससे रसोई का काम भी अब आसान हो गया है और धुएं से मुक्ति मिली है। नए घर में बसने का सपना भी जल्द ही साकार होगा।”

    महंती बेक आभार प्रकट करते हुए कहती हैं कि “हम गरीबों का घर बनाने का सपना पूरा करने के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी की हृदय से आभारी हूँ। सरकार की योजनाओं ने हमारे जीवन में स्थिरता और सम्मान की भावना दी है।”

    साय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और उज्ज्वला जैसी योजनाएं छत्तीसगढ़ के लाखों जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों के लिए सामाजिक बदलाव और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई हैं।

Yogesh Bansal

Editor in Chief

Yogesh Bansal

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